Sunday, 27 June 2010

हर माह अमावस्‍या और पूर्णिमा अलग अलग राशियों में होती है !!

कल के आलेख में हमने जाना कि जितने दिनों तक सूर्य एक राशि में होता है , उतने दिनों में चंद्रमा पूरे आकाश का चक्‍कर लगा लेता है और इस तरह जन्‍मकुंडली में सूर्य के सापेक्ष चंद्रमा की स्थिति को देखते हुए हिंदी माह की तिथियों का आकलन किया जा सकता है। सभी राशियों में घूमते हुए एक माह बाद जबतक चंद्रमा सूर्य के नजदीक पहुंचने को होता है , तो सूर्य एक राशि आगे बढ चुका होता है। इस तरह अगले माह की अमावस्‍या पिछले माह में होनेवाली राशि से एक राशि बाद ही हो पाती है। सूर्य के एक राशि आगे बढ जाने से उसके सामने चंद्रमा को जाने में भी एक राशि आगे बढना पडता है और इस तरह अगले माह की पूर्णिमा भी एक राशि बाद ही होती है।

अब चूंकि 15 अप्रैल से 15 मई तक सूर्य मेष राशि में होता है , उस मध्‍य जब चंद्रमा मेष राशि में पहुंचेगा , तो अमावस्‍या होगी , इस कारण अमावस्‍या मेष राशि में ही होगी। उससे छह राशि आगे जाकर ही चंद्रमा सूर्य के सामने हो सकेगा , इस कारण इस माह में पूर्णिमा तुला राशि में होगी। इसी प्रकार 15 मई से 15 जून के मध्‍य सूर्य के वृष राशि में होने से उस मध्‍य अमावस्‍या वृष राशि में और पूर्णिमा वृश्चिक राशि में होती है। इसी नियम से 15 जून से 15 जुलाई के मध्‍य अमावस्‍या मिथुन राशि में तथा पूर्णिमा धनु राशि में , 15 जुलाई से 15 अगस्‍त के मध्‍य अमावस्‍या कर्क राशि में और पूर्णिमा मकर राशि में, 15 अगस्‍त से 15 सितंबर के मध्‍य अमावस्‍या सिंह राशि में और पूर्णिमा कुंभ राशि में , 15 सितंबर से 15 अक्‍तूबर के मध्‍य अमावस्‍या कन्‍या राशि में और पूर्णिमा मीन राशि में होती है।

यही क्रम आगे बढता जाता है और 15 अक्‍तूबर से 15 नवंबर के मध्‍य अमावस्‍या तुला राशि में और पूर्णिमा मेष राशि में , 15 नवंबर से 15 दिसंबर के मध्‍य अमावस्‍या वृश्चिक राशि में और पूर्णिमा वृष राशि में , 15 दिसंबर से 15 जनवरी के मध्‍य अमावस्‍या धनु राशि में और पूर्णिमा मिथुन राशि में , 15 जनवरी से 15 फरवरी के मध्‍य अमावस्‍या मकर राशि में और पूर्णिमा कर्क राशि में , 15 फरवरी से 15 मार्च के मध्‍य अमावस्‍या कुंभ राशि में और पूर्णिमा सिंह राशि में तथा 15 मार्च से 15 अप्रैल के मध्‍य अमावस्‍या मीन राशि में और पूर्णिमा कन्‍या राशि में हुआ करता है। इस तरह हर माह अमावस्‍या तथा पूर्णिमा अलग अलग राशियों में हुआ करता है ।

2 comments:

  1. बहुत अच्छी जानकारी धन्यवाद।

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  2. एक और उपयोगी जानकारी.

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