Monday, 12 July 2010

बृहस्‍पति को एक एक राशि पार करने में एक वर्ष लगते हैं !!

जैसा कि पुराने लेखों से स्‍पष्‍ट हो चुका है कि पृथ्‍वी को स्थिर मान लेने से आसमान में पूरब से पश्चिम की ओर घूमती हुई जो पट्टी दिखती है , उस 360 डिग्री के 12 भाग कर देने से हमें 30-30 डिग्री की 12 राशियां मिलती हैं। सूर्य एक एक महीने में उसकी परिक्रमा करता है और उसी के साथ साथ बुध और शुक्र भी सभी राशियों को पार करने में पूरे साल लगा देते हैं। चंद्रमा ढाई ढाई दिनों में एक राशि को पार करते हुए पूरे चंद्रमास के दौरान सभी राशियों को पार कर जाता है। मंगल भी यदि वक्री गति में न हो , तो वर्षभर में सभी राशियों को पार कर लेता है।

सौरमंडल में अधिक दूरी पर स्थित ग्रह बृहस्‍पति को एक एक राशि पार करने में एक एक वर्ष लगते हैं और इस तरह वह 12 वर्षों में सभी राशियों की परिक्रमा कर लेता है। अभी यानि मई 2010 से बृहस्‍पति मीन राशि में भ्रमण कर रहा है और 2011 के मई में मेष राशि में चला जाएगा। इसी प्रकार लगभग एक एक वर्ष एक एक राशि में रहते हुए 2022 में पुन: मीन राशि में चलेगा।

जिस तरह किसी व्‍यक्ति की जन्‍मकुंडली में स्थित सूर्य को देखकर जातक के जन्‍म के महीने और जन्‍म के प्रहर का अनुमान तथा सूर्य से चंद्रमा की दूरी को देखने से चंद्रमा के आकार का अनुमान लगाया जा सकता है, , वैसा जन्‍मकुंडली में बृहस्‍पति की स्थिति को देखकर जातक के जन्‍म के बारे में कुछ कह पाना मुश्किल है। हां , आप कुछ अंदाजा तो लगा ही सकते हैं। बाकी की कमी शनि की स्थिति को देखकर पूरी की जा सकती है। और इस तरह आप एक निष्‍कर्ष पर पहुंच सकते हैं।

चूंकि आज बृहस्‍पति मीन राशि में यानि 12 अंक में चल रहा है , यदि किसी की जन्‍मकुंडली में 12 अंक में बृहस्‍पति है तो आप समझ सकते हैं कि जातक ने 12 , 24 , 36 , 48 , 60 , 72 या 84 वर्ष पहले जन्‍म लिया है और क्रमश: एक एक राशि को पार करता हुआ पूरा चक्र पार कर यहां तक आ चुका है। इसी प्रकार यदि बृहस्‍पति 11 अंक में हो , तो आप समझ सकते हैं कि जातक ने 13 , 25 , 37 , 49 , 61 , 73 या 85 वर्ष पहले जन्‍म लिया है। इसी प्रकार बृहस्‍पति 10 अंक में हो , तो आप समझ सकते हैं कि जातक ने 14 , 26 , 38 , 50 , 62, 74 , या 86 वर्ष की उम्र का है। इसी प्रकार जन्‍मकुंडली की बृहस्‍पति और आज की बृहस्‍पति की स्थिति को देखते हुए जातक के उम्र का अंदाजा लगा सकते हैं।

4 comments:

  1. बेहद उम्दा पोस्ट के लिए बहुत बहुत बधाइयाँ और शुभकामनाएं!

    आपकी चर्चा ब्लाग4वार्ता पर है यहां भी आएं

    ReplyDelete
  2. आभार जानकारी का.

    ReplyDelete
  3. पहले सूर्य की स्थिति देख कर जन्म प्रहर का अनुमान लगाना जाना. अब बृहस्पति की स्थित से जन्म वर्ष का अनुमान लगाने की बेहद रोचक जानकारी प्राप्त हुई. धन्यवाद.

    ReplyDelete