Monday, 23 August 2010

जन्‍मकालीन ग्रहों के अलावे गोचर में चलनेवाले ग्रहों की शक्ति कोभी देखा जाना चाहिए !!

पिछले दो आलेखों में मैने लिखा कि किसी भी जन्‍मकुंडली से जातक के जीवन के विभिन्‍न पक्षों के बारे में स्‍थायी रूप से जानने के लिए उस भाव के भावेश तथा उसमें स्थित ग्रहों का ध्‍यान रखना आवश्‍यक होता है। इस हिसाब से संलग्‍न जन्‍मकुंडली में जातक के स्‍वास्‍थ्‍य के मामलों को देखने के लिए हमें सूर्य की स्थिति और शक्ति पर ध्‍यान देना होगा। इसी प्रकार धन विषयक मामलों को जानने के लिए बुध ग्रह की शक्ति और स्थिति को , भाई बंधु की स्थिति को जानने के लिए शुक्र की स्थिति और शक्ति की जानकारीआवश्‍यक होगी।इसी प्रकार हर प्रकार की छोटी बडी संपत्ति का आकलन करने के लिए मंगल की स्थिति भी महत्‍वपूर्ण होगी। 


अब चूंकि बुद्धि ज्ञान और संतान के भाव का स्‍वामी बृहस्‍पति है , जबकि वहां चंद्रमा की भी स्थिति है , इसलिए बुद्धि और संतान की स्थिति को जानने के लिए बृहस्‍पति के साथ साथ चंद्र की स्थिति और शक्ति को जानना अनिवार्य है। इसी प्रकार अष्‍टम भाव यानि जीवनशैली की जानकारी के लिए बृहस्‍पति के साथ ही साथ शनि की शक्ति और स्थिति की जानकारी आवश्‍यक होगी। घर गृहस्‍थी और झंझट की स्थिति को समझने के लिए भी शनि की शक्ति और स्थिति को देखना भाग्‍य को जानने के लिए मंगल के साथ साथ सूर्य और बुध की शक्ति को समझना आवश्‍यक है ।


इसी प्रकार पिता या सामाजिक राजनीतिक स्थिति को समझने के लिए शुक्र तथा लाभ से संबंधित मामलों के लिए बुध की शक्ति और स्थिति को देखना आवश्‍यक होगा। खर्च और बाहरी संदर्भों की जानकारी के लिए चंद्र के साथ ही साथ बृहस्‍पति की भी स्थिति और शक्ति की जानकारी आवश्‍यक होगी। जन्‍मकालीन ग्रहों की शक्ति और स्थिति से संदर्भों के जीवनभर की स्थिति का पता चलेगा , जबकि अस्‍थायी रूप से आनेवाली समस्‍याओं के लिए गोचर के चाल पर भी ध्‍यान रखना आवश्‍यक है।



'गत्‍यात्‍मक ज्‍योतिष' के अनुसार जन्‍मकालीन ग्रहों के अलावे गोचर के ग्रह भी जातक के विभिन्‍न संदर्भों को प्रभावित करते हैं , इसलिए पंचांग के अनुसार ग्रहों की हर समय की स्थिति को जानना एक ज्‍योतिषी के लिए अनिवार्य है , गोचर में विभिन्‍न राशियों में स्थित विभिन्‍न ग्रह जिस भाव के स्‍वामी होते हैं  और जिस भाव में स्थित होते हैं , उससे संबंधित अच्‍छे या बुरे फल प्रदान करते हैं , इसके लिए गोचर में चलनेवाले ग्रहों की शक्ति कोभी देखा जाना चाहिए।

10 comments:

  1. बहुत अच्छा पोस्ट.बधाई

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  2. धन्यवाद जानकारी का.

    रक्षा बंधन की हार्दिक शुभकामनाएँ.

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  3. संगीता दीदी नमस्कार! आसान विधि से ज्योतिष सिखाती एक उमदा पोस्ट हैँ। बधाई! -: VISIT MY BLOG :- तुम ऐसे मेँ क्यूँ रुठ जाती हो?.............कविता पढ़ने के लिए आप सादर आमंन्त्रित हैँ। आप इस लिँक पर क्लिक कर सकती हैँ।

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  5. संगीता जी,
    गत्यात्मक ज्योतिष क्या होता है?
    कृप्या बताएं.

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  6. आपने सरल भाषा में विस्तूत जानकारी दी है.... बहुत अच्छा लगा...रक्षा-बंधन की बधाई!

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  7. कित्ती अच्छी जानकारी....
    ______________________
    "पाखी की दुनिया' में 'मैंने भी नारियल का फल पेड़ से तोडा ...'

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  8. 'गोचर में चलनेवाले ग्रहों की शक्ति कोभी देखा जाना चाहिए। '

    गोचर किसे कहते हैं और इसे कैसे देखा जाए ,यह समझा सकें तो उपकार होगा.

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  9. Sangitaji,
    Aapke do blogs dekh liye hai,aur samay miltey hi dekhunga.Aapke VAIGYANIK-VISHLESHAN se mai sahmat hun.Apne www.krantiswar.blogspot.com per khud bhi isi tarah logon ko sachet kar raha hun.
    Merey blog per apke comments ke liye DHANYAWAD.

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  10. Res.Sangitaji,

    Realy Good & useful information.pls.give detail info.regarding prediction in Gen.& transit positions of Rahu & ketu's.
    with regards
    Shiv Sharma

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