Saturday, 28 August 2010

गोचर क्‍या होता है ??

ज्‍योतिष में रूचि रखने वाले भी बहुत लोग गोचर का अर्थ नहीं जानते हैं। पृथ्‍वी के सापेक्ष सभी ग्रहों की गति ही गोचर कहलाती है। आकाश में वर्तमान में कौन सा ग्रह किस राशि और नक्षत्र में चल रहा है, यही ग्रहों का गोचर है , जिसे हम पंचांग के माध्‍यम से जान पाते हैं। भले ही हम जीवनभर की परिस्थितियां अपने जन्‍मकालीन ग्रहों से प्राप्‍त करते हों , पर गोचर का विचार फलित करते समय महत्‍वपूर्ण माना जाता है , क्‍यूंकि अस्‍थायी समस्‍याओं को जन्‍म देने में इसकी बडी भूमिका होती है। 'गत्‍यात्‍मक ज्‍योतिष' के हिसाब से किसी राशि या नक्षत्र में कोई ग्रह शुभ या अशुभ नहीं होते , हां उनके प्रभाव में थोडी बहुत कमी अवश्‍य आ सकती है। अलग अलग व्‍यक्ति की जन्‍मकुंडली के हिसाब से एक ही राशि में स्थि‍त शनि किसी को अच्‍छे तो किसी को बुरे फल से संयुक्‍त कर सकता है।

इतने लंबे जीवन में हम पाते हैं कि वर्षभर के 365 दिन ही क्‍या , दिनभर के 24 घंटे एक समान नहीं होते। एक पल में हम मौज और मस्‍ती कर रहे होते हैं , तो दूसरे ही पल तमाम जिम्‍मेदारियां मुंह बाये खडी होती है , तीसरे ही पल किसी न किसी प्रकार का तनाव हमारे जीवन में आ जाता है। पर्याप्‍त रिसर्च के अभाव में भले ही एक एक पल के इस सुखमय और दुखमय समय के बारे में पहले से जानना कठिन हो , पर ये माहौल गोचर के ग्रहों की स्थिति से ही जन्‍म लेती है। शनि के कारण आप ढाई वर्षों तक किसी समस्‍या से निरंतर जूझ सकते हैं , जबकि बृहस्‍पति की स्थिति से एक वर्ष तक , एक छोटा सा चंद्रमा हमें ढाई दिनों तक परेशान कर सकता है तथा आसमान की अन्‍य स्थिति पर हम ध्‍यान दें तो एक एक घटी और पल के सुख दुख का अनुमान लगाया जा सकता है।

इस तरह भले ही जीवन भर प्राप्‍त सुख दुख और दीर्घकालीन उतार चढाव हम अपने जन्‍मकालीन ग्रहों से प्राप्त करते हों, परछोटी छोटी अवधि में आनेवाली बाधाएं गोचर के ग्रहों पर आधारित होती हैं और इसलिए भविष्‍य कथन में इनका ध्‍यान रखना आवश्‍यक होता है। जैसे जन्‍मकालीन ग्रहों की स्थिति के आधार पर किसी युवक या युवति के वैवाहिक संदर्भों में कोई कठिनाई न हो , तो विवाह मनोनुकूल स्‍थान में होने की पूरी संभावना रहेगी , पर कभी कभी विवाह में खासी समस्‍याएं आ जाती हैं। या तो विवाह में देर होती है या फिर कोई दूसरी समस्‍या। ऐसा इसलिए होता है क्‍यूंकि जब वो या उनके अभिभावक विवाह के लिए गंभीर हुए , वैवाहिक मामलों के लिए जिम्‍मेदार कोई ग्रह गोचर में अच्‍छी स्थिति में न चल रहा होता है। गोचर के ग्रह कभी कभी छह सात वर्षों तक किसी प्रकार की बाधा उपस्थित करने में जिम्‍मेदार हो जाते हैं। ऐसी स्थिति में जन्‍मकालीन ग्रहों के आधार पर हमारे द्वारा बनाया जानेवाला जातक का जीवनग्राफ भी काम नहीं करते देखा जाता है। यही कारण है कि 'गत्‍यात्‍मक ज्‍योतिष' गोचर के ग्रहों को बहुत महत्‍व देता है।

7 comments:

  1. बहुत बढ़िया जानकारी है |

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  2. बहुत अच्छी लगी यह जानकारी...

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  3. आपकी पोस्ट रविवार २९ -०८ -२०१० को चर्चा मंच पर है ....वहाँ आपका स्वागत है ..

    http://charchamanch.blogspot.com/
    .

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  4. संगीता जी बिलकुल सही कहा आपने और मेरा अनुभव भी आपसे अलग नही। अभी पिछली पोस्टस नही पढी पढूँगी। धन्यवाद।

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  5. गोचर क्या है, यह स्पष्ट हुआ.

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  6. Gochar ke bare men jankar achcha laga . Is shrunkahala ko samay nikal kar padhoongi. Abhar.

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  7. अगली कड़ी की प्रतीक्षा है |

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